मुसलमानोंको वोट बैंक से पोलिटिकल फोर्स बनने की जरूरत

Muslims need to become Political Force from Vote Bankमुसलमानोंको  वोट बैंक से पोलिटिकल फोर्स बनने की जरूरत 

Muslims need to become Political Force from Vote Bank sanata news

किसी भी लोकतान्त्रिक देश के विकास का पैमाना है कि वह अपने अल्पसंख्यकों के साथ किस तरह का सलूक करता हैजिस देश का एक बड़ा तबका पिछड़ेपन और असुरक्षा के भावना के साथ जी रहा हो वह इस पैमाने पर खरा नहीं उतर सकता है


हिंदुस्तान की जम्हूरियत की मजबूती केलिए जरूरी हैं कि अकलियतों में असुरक्षा की भावना को बढ़ाने / भुनाने और “तुष्टिकरण” के आरोपों की राजनीति बंद हो और उनकी समस्याओंको राजनीति के एजेंडे पर लाया जाएसच्चर और रंगनाथ मिश्र कमेटी जैसी रिपोर्टो की अनुसंशाओं पर खुले दिल से अमल हो

यह भी पढ़िए :सजग की व्हिडीओ न्यूज देखने के लिए क्लिक करे

Muslim समुदाय में बैठीअसुरक्षा की भावना को खत्म करने के लिए मजबूत कानून बने जो सांप्रदायिक घटनाओं पर काबू पाने और दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई करने में सक्षम हो.  दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय को भी भावनात्मक मुद्दों के बहकावे में आना बंद करना होगा और अपनी वास्तविक समस्यायों को हल करने के लिए राजनीति को एक औजार के तौर पर इस्तेमाल करना सीखना होगा।

यह काम मज़हबी लीडरान से पिंड छुड़ाकर उनकी जगह नये सामाजिक– राजनीतिक नेतृत्व पैदा किये बिना किया जा सकता है. मुसलमानोंको वोट बैंक नहीं बल्कि पोलिटिकल फोर्स (Political Force) बनना होगा. 



Written by जावेद अनीस 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *